कानपुर की ट्रैफिक समस्या पर सुझाव वरिष्ठ नागरिक ने उठाई आवाज़: GT रोड पर 40 की स्पीड लिमिट को बताया 'उत्पीड़न
कानपुर कानपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नागरिक मंच ने गंभीर सवाल उठाए हैं। 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ए. डे नोरोन्हा ने DCP ट्रैफिक को पत्र लिखकर GT रोड पर 40 kmph की स्पीड लिमिट और Challan सिस्टम को 'राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ अन्याय' करार दिया है। साथ ही कानपुर नागरिक मंच ने GT रोड और मॉल रोड के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं।
GT रोड: 30 KM में सिर्फ 2 KM खुली सड़क
कानपुर नागरिक मंच के अनुसार, GT रोड NH-34 कानपुर में IIT से चकेरी एयरपोर्ट तक 30 किमी लंबी है। लेकिन COD ओवरब्रिज से PAC क्रॉसिंग के बीच सिर्फ 2 किमी ही खुली सड़क है। बाकी जगह जाम, कट और अतिक्रमण से परेशानी है। मंच ने रामादेवी चौराहे पर पुलिस तैनाती बढ़ाने, जुगल पैलेस के सामने वाले कट को बंद करने और टाटमिल चौराहे के गड्ढे मानसून से पहले भरवाने की मांग की है।
➡️मॉल रोड का 'तिकोनिया' बना मुसीबत
मंच ने मॉल रोड के नरोन्हा-LIC-पनचक्की तिकोनिया को सबसे बड़ा ट्रैफिक हब बताया। उनका कहना है कि 1 साल पहले निरीक्षण के बाद तय हुआ था कि जयपुरिया पुल से आने वाले वाहन सीधे LIC निकलेंगे, लेकिन डिवाइडर और बैरिकेड की गलत प्लेसिंग से वाहन टकराते हैं। LIC से बिरहाना रोड जाने वाले बैरिकेड को हटाने की मांग भी की गई है।
➡️40 की स्पीड लिमिट पर्यावरण विरोधी'
सबसे बड़ा विवाद GT रोड पर ग्लाइडर्स इंडिया के पास लगे स्पीड गन को लेकर है। 75 साल के ए. डे नोरोन्हा को 53 kmph पर Challan मिला, जबकि लिमिट 40 kmph बताई गई। उन्होंने पत्र में लिखा कि NHAI के नेशनल हाईवे पर स्पीड लिमिट 80 kmph होती है। 40 kmph पर गाड़ी 3rd गियर में चलेगी तो फ्यूल 50% ज्यादा जलेगा। ये 'पर्यावरण विरोधी और राष्ट्रीय हित के खिलाफ' है। उन्होंने Challan रद्द करने और स्पीड गन हटाने की मांग की है।
➡️क्या कहते हैं नागरिक
पत्र में कहा गया है कि अगर 40 kmph लिमिट रखनी ही है तो NHAI के साइनबोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाने चाहिए। वरना ये ट्रैफिक कंट्रोल की आड़ में 'उगाही और उत्पीड़न' ही लगेगा।
सत्य का असर समाचार पत्र कानपुर पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल संपर्क सूत्र 9956834016

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